kachba kachbi ri katha-काछबा काछ्बी रि कथा

kachba kachbi ri katha-काछबा काछ्बी रि कथा

काछबो न काछबी रहता समंद में , लेता हरि रो नामभक्ति रे कारण बाहर आया , कीन्हा संतो ने प्रणामसंतो रे शरणे पङिया जी , झटक झोळी में भरिया जीकळप मत काछब कूङी ओ , सांवरिया री रीतां रूङी ओभक्ति रो भेद नी पायो जी , सांवरियो नेचे आयो जी संत लेय हांडी में धरिया …

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