tere darbar ki maiya diwani duniya sari hai

तेरे दरबार की मईया दिवानी दुनिया सारी है,
या जगमग ज्योत तेरी जलती मैया घनी लागे प्यारी है,

मैया ऋ जो आवे तेरे दर पे वो खाली हाथ नहीं जावे,
तू भर्ती झोली खुशियों से तेरे बात निराली है,
तेरे दरबार की मईया दिवानी दुनिया

मैया ऋ एक तू ही पास मेरे ना कोई और सहारा है,
बचाने वाली दुष्टो से मेरी माँ शेरावाली है,
तेरे दरबार की मईया दिवानी दुनिया.

मैया रे तने काटे सब संकट कोई न दुखड़ा है,
के सारे दुःख दूर करे तूने ना कोई बची बीमारी है,
तेरे दरबार की मईया दिवानी दुनिया,

दिरावण ये पटवरि की ये छोटी सी कविताई है,
रिंकू चांगड़ी मैया या तेरे ही गुण गा रही है,
तेरे दरबार की मईया दिवानी दुनिया

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