ram milan diya tyariyan soh soh intjariyan

राम मिलन दिया त्यारिया, सोह सोह इंतजरिया,
खट्टे मीठे बेरा दिया परलो पिटारिया,

राम मिलण दे खातिर भीलनी सोह सोह यतन मानंदी है,
उठ सवेरे जंगला दे विच झाड़ू रोझ लगानदी है ,
राम ……

ऋषिया मुनिया कोलो पुछदी कदों राम जी आवेंगी,
सुन्दर सोहना मुखड़ा आपणा कदो राम जी दिखलावण,
राम……

चुक पिटारी बेरा वाली आके आन टिकाई है,
रुच रुच भोग लगाया प्रभु ने किती बहुत बड़ाही है,
राम …..

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