मेरा घर एक कुटिया गरीब की,
मेरी कुटिया छोड़ के मत जइयो,
मेरे दिल मे बना तेरा मन्दिर माँ,
मेरे दिल को तोड़ के मत जइयो,
मेरा घर इक………
ना जइयो ना जइयो माँ ना जइयो ना जइयो

कुछ और न चाहे हो दाती,उस घर में सदा तेरा वास रहे,
पापो के अंधेरे दूर हटे,तेरी ज्योति का प्रकाश रहे,
हम भटके अगर तो भी हमसे,अपना मुंह मोड़ के मत जइयो,
मेरा घर इक….

हे जगदम्बे तेरी राहों में,हम पलके बिछाये बैठे है,
किस पल आओगी ये तो कहो,हम आस लगाये बैठे हैं,
है सबको भरोसा आएगी माँ,विश्वास ये तोड़ के मत जइयो,
मेरा घर इक….

इस घर मे बसा हर इक प्राणी,तेरी भगति में मग्न है माँ,
आँखों मे बसी सूरत तेरी,और ह्रदय में तेरी लग्न है माँ,
अनमोल ह्रदय का आंसुओं के,संग नाता जोड़ के मत जइयो,
मेरा घर इक….

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