कोने तोला झुलाना झूलाये वो दाई, कोन मगन नाचे ना,
कोने तोला झुलना झूलाये वो.. दाई कोन मगन नाचे न,

कोन झूलाये तोला जान वो,
लगुरे झूलाये तोला झुलना दाई,
जोगी मगन नाचे ना…

सोन जरी के तोर डोर वो,
रतन जड़े तोर झुलना दाई,
विश्कर्मा म नाचे ना…

पलना म गुथे फूल तोर वो,
दस रंग फूल गुथे पलना दाई,
सोहत कस साजे ना…

झमक झमक पग तोर वो,
जाहिर सुमरे तोर जस रचके,
चरण सरन लागे ना…

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