diya baati ke jane maa mahima darbar ki

दिया बाटी के जाने माँ महिमा दरबार की,
आता माहि राख कालजो रोज उतारू आरती,
दिया बाटी के जाने माँ महिमा दरबार की,

बाटी जल जल जावे मैया ईस गल गल जावे,
इतना बतादे कौन सा मैया गुण थारा ये गावे रे,
कितनी उची शान है थी ये कुछ भी न जान ती,
दिया बाटी के जाने माँ महिमा दरबार की,

देख लाजो चीर भवानी नाम थारा लिख राखय से,
इतनी कदर से माहरी महिमा नाम तेरा लिख राखियां सा,
ध्यान लगा कर सुनाया आत्मा मईया मइयां पुकार ती,
दिया बाटी के जाने माँ महिमा दरबार की,

जन्म जन्म तक करू आरती थारो करजो उतरे न,
अगर करू न आरती न ऐसी महारो जीवन सुधरे न,
आंसू लेता लेता मईया सारि उम्र गुजार ती,
दिया बाटी के जाने माँ महिमा दरबार की,

वनवारी बस एहि मांगा कर्जा कम न हो जाये,
सोवर साथक करा आरती धड़कन बंद न हो जाये,
जन्म जन्म तक महारी आत्मा कर्जा वे उतार ती,
दिया बाटी के जाने माँ महिमा दरबार की,

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