vo dekho khushiya mil rahi sai ke dawar pe jholi pela ke aaja lag ja katar me

वो देखो खुशिया मिल रही साई के द्वार में,
झोली फैला के आजा लग जा कतार में,
वो देखो खुशिया मिल रही साई के द्वार में,

जिसके सिर पर होता मेरे साई का हाथ है,
बुरा जो उसका करे कोई ये किसकी औकात है,
देखो खुशिया मिल रही साई के द्वार में,

सोइ तकदीरो को साई पल में जगाये,
साई जिसे हसाये उसे कौन रुलाये,
देखो खुशिया मिल रही साई के द्वार में,

श्रद्धा और सबुरी का साई पाठ पढाये,
झूली छोटी पड़ जाती जब ये देने पे आये,
देखो खुशिया मिल रही साई के द्वार में,

अपनी शरण में रखना सेवक में है हम तेरे,
नैया तेरे हवाले माझी हो तुम मेरे,
देखो खुशिया मिल रही साई के द्वार में,

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