बड़े भाग्य तूने बेरी के बेर पाए,
तुझे चख चख के मेरे श्री राम खाए,

जिस रस्ते से राम जी आए,
शबरी वहां पर फूल बिछाए,
कहीं कांटे ना प्रभु जी को चुभ जाए,
तुझे चख चख के मेरे श्री राम खाए,

आए जब श्री राम रमईया,
धन्य हुई शबरी की कुटिया,
रंग भक्तिन की भक्ति पर बरसाए,
तुझे चख चख के मेरे श्री राम खाए,

खट्टे खट्टे बेर हटाती,
मीठे मीठे प्रभु को खिलाती,
नैनो से प्रेम सागर ये छलकाए,
मेरे प्रभु को नजरिया ना लग जाए,
तुझे चख चख के मेरे श्री राम खाए,

बड़े भाग्य तूने बेरी के बेर पाए,
तुझे चख चख के मेरे श्री राम खाए॥

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