zingdi pe karm tujhse har khushi har gam tujhse

मेरी आँखों में तू मुश्कुराये,
मेरी धड़कन पे है तेरे साये,
पुजती है नजर तुझको अठो पहर,
कौन तेरे सिवा याद आये,
जिंदगी पे कर्म तुझसे हर ख़ुशी हर गम तुजसे,
वादे और कसम तुझसे हर ख़ुशी हर गम तुझसे,
जिंदगी पे कर्म तुझसे हर ख़ुशी हर दम तुजसे,

आके देखे कोई याहा अपने होते है कैसे,
जशन खुशियाँ मनाती है घर जन्नत हो जैसे,
इक दूजे के बंधन में बंध गये है जैसे,
कोई शिकवा न हो दोर जैसा भी हो,
फंसला बीच में आ ना पाये,
जिंदगी पे कर्म तुझसे हर ख़ुशी हर गम तुजसे,

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