वे सुन मोरा वे सुन मोरा,
वे सुन मोरा,किते भूल भुलेखे लै आवी जोगी नु साड़े वेहड़े,
क्यों साडा चेता नि आउंदा ऐसे ओहनू कम केहड़े,
वे सुन मोरा वे सुन मोरा…..

सब तो ज्यादा तू जोगी दे नेड़े रहंदा ऐ,
जिधर नु चाहवे नाथ ओधर नु तू उड़ पेंदा ऐ,
पौनाहारी बेहंदा तेरे ते चंगे कर्म ने तेरे,
वे सुन मोरा वे सुन मोरा…….

बड़े सुनेहे घले कुझ न द्सेया कावा आ के ,
नित पुरे दियां पौना वी लंग जानदियाँ लारे ला के,
हूँ ता बस एक आस तेरी ते कर लये यत्न वथेरे,
वे सुन मोरा वे सुन मोरा,

इक गरीबी घर विच दूजा ओह सहनु अज्मावे,
संगम सिद्धियाँ वालियां किस्मत कैसे नाच नचावे,
साह सीने चो मूक जाने जे होर लाइ ओहने देर ऐ,
वे सुन मोरा वे सुन मोरा,

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