एडियाँ गुहद्दियाँ छावा जग ते लभदियाँ नही,
तुर जावन इक वार ते मावा लभदियां नही,
मेरी माँ मेरी माँ मेरी माँ मेरी माँ,

मंदा मुह चो बोल जे निकले रोक्दियाँ,
चंगी माड़ी था तो मावा रोक्दियाँ,
हो मुफ्त च एनियाँ नेक सलाहवा लभ्दियाँ नही,
तुर जावन इक वार ते मावा लभदियां नही,

पुत्र भावे लख जहान तो मंदे ने,
मावा आखन सारे जग तो चंगे ने,
होर किसे तो इंज वफावा लभदियां नही,

माँ दा लाडले अंत विछोडा सहना ऐ,
आपे डिगना आपे ही उठना पेना ऐ,
माँ रब दा रूप ने फेर दोबारा लभ्दियां नही,
तुर जावन एक वार ते मावा लभदियां नि,
मेरी माँ मेरी माँ मेरी माँ मेरी माँ

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