तू बांह पकड़ ले बाबा मेरा मन घबरावे रे
तू लीले चढ़ के आजा तेरा लाल बुलावे रे
तू बांह पकड़ ले बाबा ……….

दुनिया ने इतना सताया मैं हार गया बाबा
सुनकर के तेरी महिमा तेरे द्वार गया बाबा
तेरे दर्शन को मेरी अँखियाँ रो रो नीर बहावर रे
तू लीले चढ़ के आजा तेरा लाल बुलावे रे
तू बांह पकड़ ले बाबा ……….

मेरी फसी भवर में नैया हिचकोले खावे रे
बिन मांझी के ओ सांवरे कुण पार लगावे रे
अपने भक्तों के दुखड़े सब दूर भगवे रे
तू लीले चढ़ के आजा तेरा लाल बुलावे रे
तू बांह पकड़ ले बाबा ……….

हारे का बना सहारा मेरा लीले वाला श्याम
वंदना की अर्ज़ी यही है मुझे रख लो खाटू धाम
तेरे दर पे जो भी आवे वो मौज उड़ावे रे
तू लीले चढ़ के आजा तेरा लाल बुलावे रे
तू बांह पकड़ ले बाबा ……….

Leave a Reply