थारो शृंगार प्यारों लागे म्हारी माँ
थारो सृंगार प्यारों लागे म्हारी माँ।
म्हारी मैया जी थारो सृंगार प्यारों लागे रे।।

माथा पे मैया थारे चुनरी सोवे ।
गला में हरवा थारे सोवे म्हारी माँ।।
म्हारी जगदम्बा ……..

कानो म मैया थारे कुंडल सोवे।
टिकला री लूम लटकती जावे म्हारी माँ ।।
म्हारी जगदम्बा…

हाथो म मैय्या थारे चुड़ला सोवे।
पावा में मैय्या थारे पायल सोवे।
बिछिया री लूम लटकती जावे म्हारी माँ।।
म्हारी जगदम्बा ….

थारो सृंगार प्यारो लगे म्हारी माँ।
म्हारी जगदम्बा एरर रर म्हारी मैय्या जी
थारो सृंगार प्यारो लगे रे।।।
बोल जगदम्बा मात की जय

दुर्गा भजन