teri sharn me aaya tu hi palanhaar

हम तुमको क्या दे सकते है,
तू सब का दातार जो भी तेरी शरण में आया तू ही पालनहार,

तेरा दिया ही खाते है हम तेरा दिया ही पीते,
तेरे भरोसे ही हम दुनिया में ख़ुशी ख़ुशी हम जीते,
तेरे किरपा के धागो से हम जख्मो को हम सीटे,
मुश्किल में है दौड़ के आता तू लीले असवार
जो भी तेरी शरण में आया तू ही पालनहार,

जिसकी नैया तेरे भरोसे खाती न हिश्कोले,
तेरा प्रेमी बन कर जग में दीवाना पन डोले,
मिलने वालो से दीवाना जय श्री श्याम ही बोले,
तेरी ज्योत से रोशन होता भगतो का घर वार,
जो भी तेरी शरण में आया तू ही पालनहार,

हम को जब से मिला सहारा मस्ती ही मस्ती है,
तुझसे है पहचान हमारी तुझसे ही हस्ती है,
चोखानी के दिल में तेरी सूरत ही बस ती है,
गौतम को मुँह माँगा दिया है तूने लखदातातर,
जो भी तेरी शरण में आया तू ही पालनहार,

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