tere prem ka mujhpe huya ye asar hai

तेरे प्रेम का मुझपे हुआ ये असर है
जिधर देखता हूँ तू आता नज़र है

मुझे सांवरे तू जबसे मिला है
जीवन का हर पल चमन सा खिला हिअ
तेरी रहमतों का हुआ सिलसिला है
अब तो कोई भी शिकवा ना गिला है
मेरे हर कदम पे तो तेरी नज़र है

हुआ मैं दीवाना तेरी आशिकी में
अंधेरो में हु या रहूं रौशनी में
है खुशियों का मौसम तेरी बंदगी में
है दिलकश नज़रें मेरी ज़िन्दगी में
हँसते हुए ही मेरी होती बसर है

हुआ बावरा मन इतना तू प्यारा
के दिल मेरा फिसला तुझे जब निहारा
तेरा ही भरोसा तेरा ही सहारा
चोखानी छोड़े न अब तेरा एड द्वारा
मेरा तो ठिकाना बाबा एक तेरा दर है

कृष्ण भजन

Leave a Comment