तेरे नाम का कर्म है ये सारा भगतो पे छाया है सरूर शेरावालिये,

तेरे रूप का है इक लश्कारा जग में है जितना भी नूर शेरावालिये,

सुर गुफा में बैठे बैठे रोज करिश्मे करती है तू,
मेहरा वाली एक नजर से सब के दुखड़े हरती है तू,
खाली झोली जो लाता उसकी झोली भर्ती है तू,
तेरे नाम का कर्म है ये सारा भगतो पे छाया है सरूर शेरावालिये,

इस द्वारे की सुल लगा कर पापी पावन हो जाते है,

दुर्गा भजन