tere naam ka jaikaara maa dukh santaap hare sabke

तेरे नाम का जैकारा माँ ,दुख संताप हरे सबके
बांधो रे सर पे लाल चुनरिया ,भक्तो चलो माँ के दर पे,

मैया के नो रूप हैं मेरी, चंडी तो कही ज्वाला हैं
जिसको मैया दर्शन दे वो ,होता किस्मत वाला है
जग मे साचा नाम है माँ का,तूने सबको पाला हैं
सबके मारे जग के हारे,भक्तो को तूने सम्भाला हैं
बन जाते हैं उनके काम, हाथ रखे माँ जिस सर पे
बांधो रे सर पे लाल चुनरिया भक्तो चलो माँ के दर पे—-

ऊंचे पर्वत महारानी ने , सुंदर भवन सजाया है
जो आता है दर पे तेरे, उसने सब कुछ पाया है
छड़ देता है पाप यहाँ जो, पापी जिसकी काया हैं
मेरी महारानी ही जाने, सारा जग ये माया हैं
जग में ऊंची शान हैं माँ की, रंक को भी राजा करदे
बांधो रे सर पे लाल चुनरिया भक्तो चलो माँ के दर पे….

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