तेरे जैसी कोई सरकार नही,
तेरे दर जैसा दरबार नही,

दुनिया से भला मैं क्यों मांगू,
दुनिया तो एक भिखारी है,
हम मांगे गे अपने बाबा से,
यहाँ होता कभी इनकार नही,
तेरे जैसी कोई सरकार नही,

हसरत है ये मेरे प्यारे जिस वक़्त मेरा दम निकले,
तेरा इक ही नजारा धाम मिले,
मेरी और कोई सरकार नही,
मेरे बाबा मेरी नईया उस पार लगा देना,
अब तक तो निभाया है आगे भी निभा देना,

तू ना तारे ते तारे होर केह्दा,
करी जरूरता पुरियां तू,
लोकी तक्दे ने ऐब गुन्हा मेरे मैं ते तक्दी रेहमता तेरिया नु,

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