tere hote kyu gili hai meri akhiyan bata do maa

मैं नना फूल तेरा माँ तेरी बगियाँ की डाली का,
तेरे होते क्यों गीली है मेरी अखियां बता दो माँ,
ओ माँ महासर माँ …

हुई मुझसे गलती क्या बता दो महासर माँ,
क्यों बैठी हो रूठी सी हंस दो ना प्यारी माँ,
परेशान हो रहा हु माँ अकेला रो रहा हु माँ,
तेरे होते क्यों गीली है मेरी अखियां बता दो माँ

सुना है मैंने माँ का दिल नहीं होता है पत्थर का,
महासर माँ चली आना भूलता तेरा बेटा माँ,
मुझे अपना बना ले माँ शरण अपनी लगा ले माँ,
तेरे होते क्यों गीली है मेरी अखियां बता दो माँ

तेरे राही का है सपना बना लो माँ मुझे अपना,
मैं देखु तेरा दर्शन माँ यही अरदास मेरी माँ,
मेरा विशवाश टूटे ना सपनो की आस टूटे न,
तेरे होते क्यों गीली है मेरी अखियां बता दो माँ

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