श्यामा वे मेरी गागर भर दे,
गागर भर दे सिर उत्ते रख दे,
चार कदम संग चल दे,

एह ना समज में कली आयी,
नाल सहेली मेरे संग वे मेरी गागर भर दे,
श्यामा वे……

एह ना समज मेरा कोई ना सहारा ,
सतगुरु मेरे नाल संग वे मेरी गागर भर दे,
श्यामा वे……

एह ना समज मैं दुरो आयी,
घर मेरा कुन्ज गली दे विच वे मेरी गागर भर दे,
श्यामा वे……

एह ना समज मैं रंग दी काली,
गोरा चीटा मेरा रंग वे मेरी गागर भर दे,
श्यामा वे…….

एह ना समज मैं कवारी हैगी ,
श्याम सलोना मेरा वर वे मेरी गागर भर दे ,
श्यामा वे……

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