श्याम शीश मेरा तेरे कदम,
झुका लू ज़रा सा पा जाओ दम,
श्याम शीश मेरा तेरे कदम

ज़माने का मारा वक़्त का सताया,
किसी ने न पूछा तेरे दर पे आया,
तुम तो करो बाबा मुझपे रेहम,
श्याम शीश मेरा तेरे कदम

मैंने सुनी है तेरी करुणा की बाते,
मेरे लिए तो बात दिन काली राते,
चमके गा भाग तेरा होगा कर्म,
श्याम शीश मेरा तेरे कदम

पुकारा हो जिस ने खाटू के राजा,
तूने हर हाल में उसको नवाजा,
चम्पा को बाबा देदो शरण,
श्याम शीश मेरा तेरे कदम

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