श्याम संभालो मुझको और पकड़ो मेरा हाथ,
इक तू ही नजर में मेरी जो देगा मेरा साथ,
श्याम संभालो मुझको और पकड़ो मेरा हाथ

करुणानिधि जरा करुणा दिखाओ गिरते हुये को बाबा और न गिराओ,
भूल गये कया बाबा तुम ही हो दीना नाथ,
इक तू ही नजर में मेरी जो देगा मेरा साथ ,

किस्मत का लेख कह कर करुणा बहाना,
तुम ने लिखी है किस्मत तुम ही बताना,
शरण तुम्हारी लिख दो ले कर के कलम दवात,
इक तू ही नजर में मेरी जो देगा मेरा साथ ,

आज से पहले बाबा दर दर मैं भटका,
जान लिया है केशव कोई न किस का,
झूठे है ये रिश्ते मैं जान गया ये बात,
इक तू ही नजर में मेरी जो देगा मेरा साथ ,

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