shyam ne diya hai jo bhi shyam hi sambaalega

श्याम ने दिया है जो भी श्याम ही सम्बाले गा,
मैया मझधार से श्याम ही निकालेगा,
श्याम ने दिया है जो भी श्याम ही सम्बाले गा,

खाली हाथ आये और खाली हाथ जायेगे,
श्याम पे भरोसा किया काम वही आएंगे
गिरने से पहले वो मुझको बचा लेगा,
श्याम ने दिया है जो भी श्याम ही सम्बाले गा,

उसका दिया हुआ हम को कबूल है,
सँवारे के रहते चिंता करना फज़ुल है,
आएगी मुसीबत तो श्याम उसे ताले गा,
श्याम ने दिया है जो भी श्याम ही सम्बाले गा,

वनवारी श्याम जैसा कोई नहीं होगा जिसने दिया है आज कल वही देगा,
साथी तू बना ले इसे साथ ये निभाएगा,
श्याम ने दिया है जो भी श्याम ही सम्बाले गा,

कृष्ण भजन