shiv bholiyan ve luti zindgai gma ne

शिव भोलेया वे लूटी जिन्दगी गमा ने,
जिन्दगी कमा ने लूटी जिन्दगी गमा ने,

पहली पौडी गरावजुन ते सिर उल्टा लटकाया,
आठो पहरे शिव भोलेया मैं नाम तेरा ध्याया ,
शिव भोलेया……..

दूजी पौडी बाल अवस्था माँ ने लाड़ लडाया,
खेल कूद मे बंदियां तुने कीमती वक़्त गवाया,
शिव भोलेया………

तीजी पौडी आयी जवानी नारी दे वस होया,
मोह माया विच ऐसा फस्या नाम न तेरा गाया,
शिव भोलेया……….

चोथी पौड़ी आया भुदापा काल बलि ने गेरा,
सारी जिंदगी व्यर्थ गवाई नाम ना धया तेरा,
शिव भोलेया……….

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