आया सोहन महिना भगतो खीड गई है गुलजार,
शेरावाली माँ करदी बेड़े पार शेरावाली माँ

होना चारे पासे मियाँ जी दा नूर दिसदा,
दर कैसा है नजर भरभूर दिसदा,
जिथो खुशियाँ दे मिलन भण्डार,
शेरावाली माँ करदी बेड़े पार शेरावाली माँ

चन तारे सूरज ने किता सजदा,
कण कण विच माँ दा नाम वसदा,
देखे इक वारि जिहनू देवे तार,
शेरावाली माँ करदी बेड़े पार शेरावाली माँ

मैया दर ढोल ते नगाड़े वजदे,
नवी जाहे माँ नु प्यारे लगदे,
चरना विच रोज पुकार,
शेरावाली माँ करदी बेड़े पार शेरावाली माँ

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