साथी संगी न कोई सहारा सांवरे,
हार के हमने तुमको पुकारा सांवरे,

जिनपे सबसे है जयदा भरोसा किया,
उन्ही लोगो ने धोखा हमेशा दिया,
टुटा विशवाश भी अब हमारा सांवरे,
हार के हमने तुमको पुकारा सांवरे,

हाथ कमजोर पतवार सम्ब्ले नहीं ,
लाख कोशिश करू नाम निकले नहीं,
तुमने लाखो को पार उतारा सांवरे,
हारे के हमने तुमको पुकारा सांवरे…

नाथ दीनो के हारे के साथी हो तुम,
मोहित जीवन के दीपक की बाटी हो तुम,
तेरे बिन अब न जीना गवारा सांवरे,
हार के हमने तुमको पुकारा सांवरे,

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