पाइयां चिठियाँ पाइयां चिठियाँ,
पौनाहारी बाबा जी ने पाइयां चिठियाँ,
पौनाहारी बाबा जी ने पाइयां चिठियाँ,
पाइयां चिठियाँ पाइयां चिठियाँ,
पौनाहारी बाबा जी ने पाइयां चिठियाँ,
सिद्ध जोगी ने सुनेहा संगता नु घलेया,
संग चलेया संग चलेया,
बाबा जी दी गुफा वल संग चलेया,

झंडे झूलन घुंघुरुआ वाले,
संगता लाउन्दियाँ जान जयकारे,
दयोत गुफा दे वासी ने वी,
लखा दे है काज सँवारे,
छेती छेती आवो जी निगाहवा धरके,
हूँ जांदा न विछोड़ा भगता तो झलेया,
संग चलेया संग चलेया,
बाबा जी दी गुफा वल संग चलेया,

बाबा जी दी आरती करके ,
ध्यान ओहदे चरना विच धरके,
जा के असा ने रोट च्दाऊना,
औना रब दे दर्शन करके,
जिंदगी च आउंदी ओहनू कदी थुड ना,
ओह तर गयेजिह्ना ने ओहदा दर मलया ,
संग चलेया संग चलेया,
बाबा जी दी गुफा वल संग चलेया,

माथे टेकना शाहतलाइया,
जिथे जोगी ने ढाह्नियाँ लाइयाँ,
बारा साल दियां लस्सी रोटियां,
बाबा जी ने कड़ दिखाईया,
पौनाहारी लगदा ऐ रूप रब दा,
तू बी दी विच ओहनू बसा ले बन्देया,
संग चलया संग चल्या,
बाबा जी दी गुफा वल संग चलेया,

बाबा बालक नाथ भजन