sai teri shirdi me kuch ajab najaare hai

साई तेरी शिरडी के कुछ अजब नजारे है,
बाबा तेरी शिरडी के कुछ अजब नजारे है,
कई लाख वहा पर सूरज है कई लाख सितारे है
साई तेरी शिरडी के कुछ अजब नजारे है,

वाह नीम के मीठे पते है पानी से दीये जलते है,
मंदिर मजिद दोनों ही इक साथ में मिलते है,
धुनि की भभूति ने कई रोग निवारे है,
कई लाख वहा पर सूरज है कई लाख सितारे है
साई तेरी शिरडी के कुछ अजब नजारे है,

साई की समाधि पर जो शीश झुकाता है,
जितना हो भारी संकट पल में टल जाता है,
सभी दीं दुखी के लिये खुले साई के द्वारे है,
कई लाख वहा पर सूरज है कई लाख सितारे है
साई तेरी शिरडी के कुछ अजब नजारे है,

साई अपने चरणों में हम को बी जगह देना,
अजी सूंदर शिरडी में हर साल भुला लेना,
तेरी याद में कितने पल रो रो के गुजारे है,
कई लाख वहा पर सूरज है कई लाख सितारे है
साई तेरी शिरडी के कुछ अजब नजारे है,

साईं भजन