sai ka diwana hai mera dil sai ka diwana hai

साई के दर को छोड़ के सारे जग से बेगाना है,
साई का दीवाना है मेरा दिल साई का दीवाना है,

लगन लगी है ऐसी ये दिल साई साई गाता है,
साई मेरा मैं साई का हर पल शोर मचाता है,
सच कहता हु भगतो अब न भेद छुपाना है,
साई का दीवाना है मेरा दिल साई का दीवाना है,

नाम साई का लेकर मेरे दिल की धड़कन चलती है,
साई नाम की मेरे मन में शमा सदा ही चलती है,
उस शमा पे जलने वाला इक परवाना है,
साई का दीवाना है मेरा दिल साई का दीवाना है,

दिल की बाते दिल जाने या जाने साई राम है,
उस की धुन में खोया रहता क्या सुबह क्या शाम है,
इस दीवाने दिल को छोड़ो क्या समजाना है,
साई का दीवाना है मेरा दिल साई का दीवाना है,

साई का ये दिल दीवाना सागर खुल के कहता है,
और कोई न दूजा इस में साई मेरा रहता है,
ढोल बजा के दुनिया को यह राज बताना है,
साई का दीवाना है मेरा दिल साई का दीवाना है,

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