रखियो सभा में लाज माँ चंडी रखियो सभा में लाज,
मैं करदा हां फर्याद मेरे पुराण कीजियो काज,
ओ माँ चंडी रखियो सदा में लाज,

नच्दे गाउँदे भगत प्यारे गुंजन विच हवा दे जयकारे,
मैं फिर छेड़ा कोई राग मेरे पूरन कीजियो काज,
रखियो सभा में लाज माँ चंडी रखियो सभा में लाज,

माँ चंडी दे अजब नजारे मेला वेखन आ गये सारे,
माँ करदी वेहड़ी पार मेरे पूरन कीजियो काज,
रखियो सभा में लाज माँ चंडी रखियो सभा में लाज,

सर्जन भी तेरे चरनी लगाया खुशिया नाल वेहड़ा सजेया,
मैं चरना दी हां ख़ास मेरे पूरन कीजियो काज,
रखियो सभा में लाज माँ चंडी रखियो सभा में लाज,

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