pyaase naino ki pyass or bhi badh gai tera darshan dikhaana gazab da geya

देख कर मंत्र मुग्ध हो गए भक्त गण
तेरा पर्दा हटाना गजब डा गया
प्यासे नेनो की प्यास और भी बढ़ गयी
तेरा दर्शन दिखाना गजब डा गया

अपने हिरदय में लेकर श्रधा अपार
भक्त करते है नित दिन तुम्हारा सिंगार
रंग बिरंगे फूलो से तेरा
सजना सवरना गजब डा गया
देख कर मंत्र मुग्ध……………………

सबके हाथो में पिचकारी है और गुलाल
देखो फागुन ने केसा किया है धमाल
तेरे ही रंग में रंग गए भक्त गन
तेरा रंगना रंगाना गजब डा गया
देख कर मंत्र मुग्ध……………………

अनवर गुजरती ने लिखा है भजन
इनको सवीकार कर लो ऐ खाटू रतन
बोले सब श्याम प्रेमी होक मगन
ऐ तुम्हारा तराना गजब डा
देख कर मंत्र मुग्ध…………

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