piye lahu ki pyaali ye maiyan piye lahu ki pyaali

नाचे छमा छम काली ये मइयां नाचे छमा छम काली रे,
पिये लहू की प्याली जे मइयां पिये लहू की प्याली रे,

लट बिखराये कारी कारी काली मइयां ले किलकारी,
चले समर महारानी ये मैया चले समर महारानी रे,
पिये लहू की प्याली ये मइयां…..

रण भूमि में जा ललकारी भागे असुर जो था बलकारी,
रूप धरे विकराली ये मइयां रूप धरे विकराली,
पिये लहू की प्याली ये मइयां ….

खड़ा त्रिशूल हाथ में ढाला महा प्रलय की बन गई ज्वाला,
हाथो में धरे कपाली रे हाथो में धरे कपाली रे,
पिये लहू की प्याली ये मइयां…..

सब देवो की विपता मिटाई ये सेहनाज तेरे दर पे आई,
दया करो सबपे जगदमबा सदा रहे खुशहाली रे,
पिये लहू की प्याली ये मइयां…..

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