pal pal tere sath main rehta hu

पल पल तेरे साथ मैं रहता हु,
डरने की क्या बात मैं बैठा हु,
पल पल तेरे साथ मैं रहता हु,

तूफ़ान के आगे तेरा दिल गबराते है,
मैं साथ हु तेरे तू क्यों भूल जाता है,
जब आँख तेरी भर्ती दिल मेरा रोता है,
मेरे आंसू का कतरा तेरी आंख में होता है,
जब दुःख में हो बेटा तब बाप ही रोता है,
पल पल तेरे साथ मैं रहता हु,

संगर्ष है जीवन संघष किये जा तू,
सुख दुःख दो पहलु है मस्ती में जिए जा तू,
क्यों हारता है तू हालतो के आगे तेरा होंसला बन के जब मैं चलता आगे,
मैं भी नहीं हु सोता सारी रतिया तू जागे,
पल पल तेरे साथ मैं रहता हु,

ये दौर बीते गा नया दौर आएगा,
कांटो की राहो पे चला न जाएगा,
ये रात काटी तो दिन बी कट जाएगा,
विश्वाश रख मुझपे रस्ता मिल जाएगा,
जीवन की पहेली को तू खुद सुलझाएगा,
पल पल तेरे साथ मैं रहता हु,

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