nav durge maa ke no roop nirale hai

दर्शन पाने वाले किस्मत वाले है,
शेल पुतरी पारवती माँ बैल पे करे सवारी,

ब्रह्म चारणी माँ है अपने ब्रह्म सुतो की प्यारी,
माथे जिसके चंदा सोहे चन्दर घटा माँ न्यारी,
जिस जिस ने माँ को धाया तन से मन से धन किस्मत वाले है,
नव दुर्गे माँ के नो रूप निराले है,….

खुश्मांड़ा माँ अपने भगतो के पापो को हरती,
माता देवी स्कन्द अपने भगतो की झोलियाँ भरती,
कात्यायनी मैया है ऋषियों की रक्षा करती,
जिसने भी माँ कह के पुकारा चाहे देव हो नर हो किस्मत वाले है,
नव दुर्गे माँ के नो रूप निराले है….

काल रात्रि देवी माँ दुष्टो को मार गिराती,
श्री माँ गोरी अपने भक्तों के मन भाहती,
सीधी धात्री माँ भक्तो के कार्य सिद्ध करवाती,
अपनी रेहमत जिन भक्तो पर माँ दुर्गे बरसाती माँ वो किस्मत वाले है,
नव दुर्गे माँ के नो रूप निराले है,

लाल चुनरिया ओड के उषा अनीता के संग गाये,
गुण तेरा माँ गाने को अजीत पवन भी आये,
तेरे गुलशन में गुल खिलते रहते है मुस्काये,
नव दुर्गे माँ के इन रूपों को जो भी पूजे हां वो किस्मत वाले है,
नव दुर्गे माँ के नो रूप निराले है,

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