nach nach bhagta ne paauni hai dhaaml aaj gorja nu shankar vyaaun chleya

आज शिव रात्रि शिव दा विवहा भगता न चड़ेया रज रज चा,

सोहनी लगदी बारात सोहने लगे भोले नाथ,
सबना नु दर्श दिखाएं चलेया,
नच नच भगता ने पाउणी है धमाल,
आज गोरजा नु शंकर व्याउन चलैया

किनी सोहनी लगे तेरी चन वाली चननी ते टिम टिम करदे ने तारे ने,
भुत ते प्रेत आज बन के बराती तेरे नाल चले आज इकठे होके सारे ने,
तन भस्म रमाया नाले डमरू भजाया भगता दा चित परचोन चलया
नच नच भगता ने पाउणी है धमाल,
आज गोरजा नु शंकर व्याउन चलैया

बैल ते सवार गल नागा वाले हार वेखो भोला जी दी वखरी जमीत जी,
वेख के प्रेता वाला रूप तेरा भोलेया नैना वाली हो सी अचेत जी,
शंकर दी माया कोई समज न पाया भगता दे वेहड़े पार लाउन चलैया,
नच नच भगता ने पाउणी है धमाल,
आज गोरजा नु शंकर व्याउन चलैया

अपने ही रंग विच रंग लिया शंकर ने ताहियो रोशी चरना च आया है,
करदा है मंदिरा च तेरा गुणगान नाल व्याह भी संदीप तो लिख्या है
मैनु दर्श दिखाया महादेव तू कहाया आज रेहमता दा मीह बरसोन चलेया,
नच नच भगता ने पाउणी है धमाल,
आज गोरजा नु शंकर व्याउन चलैया

Leave a Comment