mujhe sone nhi deti shyam teri yaade aankho ankho me hi kat jaati hai raate

मुझे सोने नहीं देती श्याम तेरी यादे,
आँखों आँखों में ही कट जाती है राते,

याद आती है संवरी सूरत नैना हो कजरारे,
वो कंधे पे सुनहरी भागा हम जिस पर दिल हारे,
तेरे बिना पल कट ते नहीं है काटे,
आँखों आँखों में ही कट जाती है राते,

ओ कानो के कुण्डल प्यारे गल वैजयंती माला,
मुकट विराजे सिर सोने का जिसका तेज निराला,
उसकी किरपा की मैं चहु रोज बरसाते,
आँखों आँखों में ही कट जाती है राते,

कभी कभी ऐसा लागे सामने है वो मेरे,
चाहे दूर लगाए बैठा है खाटू में डेरे,
आंखे बंद जो करू तो बाबा दिख जाते,
आँखों आँखों में ही कट जाती है राते,

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