mujhe kaun jaanta tha teri bandgi se pehle

मुझे कौन जानता था तेरी बंदगी से पहले,
मैं भुजा हुआ दिया था तेरी बंदगी से पहले,

मैं तो खाख था जरा सी,
मेरी और क्या थी हस्ती,
मैं थपेड़े खा रहा था तूफ़ान में जैसे कश्ती,
दर दर भटक रहा था तेरी बंदगी से पहले,

मैं था इस तरह जहां में जैसे खाली सीप होती,
मेरी बड गई है कीमत तूने भर दिए है मोती,
मेरा कौन आसरा था तेरी बंदगी से पहले,

है जहां में मेरे लाखो पर तेरे जैसा कौन होगा,
जैसा तू बन्दा पल्वर भला एसा कौन होगा,
मैं तुझे ही ढूंड ता हु तेरी बंदगी से पहले,

तू जो मेहरबान हुआ है तो जहां भी मेहरबाण है,
ये ज़मीन मेहरबान है आसमान भी मेहरबान है,
ना ये गीत ये बला था तेरी बंदगी से पहले,

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