mor mukat vaale ghungrale latvaale

अपना चंदा सा मुखड़ा दिखाई जा,
मोर मुकुट वाले घुंघराले लटवाले,

तोह बिन मोहन चैन पड़े न,
नैनो से उजलाये नैना,
हो मेरी अखियां बीच समाये जा,
मोर मुकुट वाले घुंघराली लटवाले,

बेदरदी तोहे दर्द ना आवे,
खाये जलेबी नमक लगावे,
हो आजा प्रीत की रीत निभाए जा,
मोर मुकुट वाले घुंघराली लटवाले

बांसुरियां अधरं दर मुस्कावे,
घ्याल कर गयो क्यों नैन चुरावे,
हो आजा शयाम पीया तू आई जा,
मोर मुकुट वाले घुंघराली लटवाले

मोर मुकुट वाले घुंघराले लटवाले

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