मिला के श्याम से नजरे तू दिल की बतला दे,
लगा कर दरबार बैठा है तेरे हालत दिखला दे,
सुनाई होगी तेरी श्याम दरबार में,

श्याम दानी दयालु है दातार है,
बाँटने के लिये रहता त्यार है,
जो भी मांगे कोई ये वही दे रहा,
खुला रहता इसका भण्डार है,
ऐसा दाता न है दूजा संसार में,
सुनाई होगी तेरी श्याम दरबार में,

मांग ने के लिये लोग आते याहा,
इस की चौकठ पे पल्ला बिछाते याहा,
ये तो करता किसी को न इंकार है,
अपने मन की मुरादे वो पाते यहाँ,
खुश हो कर के जाते परिवार में,
मिला के श्याम से नजरे तू दिल की बतला दे

आये संकट को पल भर में हर ता है ये,
अन्न होनी को होनी भी करता है ये,
तेरी किस्मत की रेखा में जो न लिखा,
उसे लिखने का सामर्थ रखता है ये,
ऐसी शक्ति है लीले के असवार में,
मिला के श्याम से नजरे तू दिल की बतला दे

श्याम प्यारे के बिन्नू करो बंदगी,
खूब सूरत बना देगा ये ज़िंदगी,
यदि भाव से इसको रिजाओ गे तुम,
तेरे मन में रहे गी सदा ताजगी,
है करिश्मा यही श्याम के प्यार में,
मिला के श्याम से नजरे तू दिल की बतला दे

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