कर रेहमता दी सदा वरसात भगता,
मेरी शेरावाली मैया दी क्या बात भगता,
मेरी ज्योतावाली मैया दी क्या बात भगता,
मेरी चिंतपूर्णी मैया दी क्या बात भगता,
मेरी नैना मैया दी क्या बात भगता,

दर जेहड़े आउंदे माँ दा कर विश्वाश ने,
मुड़ दे ना दर उतो कदे भी न निराश ने,
वंडे सब नु मुरादा दिन रात भगता,
मेरी शेरावाली मैया दी क्या बात भगता,

चरना च बेहंदे निब माँ ना जोड़ के हो जान माँ दे जग वाले नाते तोड़ के ,
मुँह मंगी पाउंदे माँ दे कोलो दात भगता,
मेरी शेरावाली मैया दी क्या बात भगता,

संदीप जालंधरी जे किते माला माल ने पुरे किते सारे दिल दे सवाल ने,
मेरे चंगे कर दिते ने हलात भगता ,
मेरी शेरावाली मैया दी क्या बात भगता,

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