mere shyam mere iss dil ne raat ko shyam shubh ko shyam kaha

मेरे श्याम मेरे इस दिल ने,
रात को श्याम सुबह को श्याम कहा,
इतना बेताब कर दिया तुमने मेने ये जीवन तुम्हारे नाम कर दिया,
श्याम ने मुझसे इतनी रहमत की है
गिनना चाहूँ तो भी न गिन सकूँ
खुशियों से मेरी झोली भर दी है
गिनना चाहूँ तो भी न गिन सकूँ

मेरा हाल बुरा था मेरा साया भी संग नही था
आंखों के आंसू भी कोई पोछने वाला नही था
मेरी मुसीबत अपने सर पे ली है
गिनना चाहूँ तो भी नाम गिन सकूँ

छोटी से छोटी भी खुआईश पूरी ये करता है
कृपा के रंगों से जीवन रोशन ये करता है
मेरी मुश्किल पल में हल की है
गिनना चाहुँ तो भी न में गिन सकूँ

जी भर प्यार दिया है हमको जग में नाम दिया है
भजनो से मोहित करने का हमको काम दिया है
अपनी शरण मे हमको जगह भी दी है
गिनना चाहूँ तो भी न में गिन सकूँ

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