मेरे राम जी मेनू सहारा तेरे नाम दा,
श्री राम जी मेनू सहारा तेरे नाम दा,
जिस मुख दे विच राम नाम नही,
ओह मुख है किस काम दा,
मेरे राम जी मेनू सहारा…….

राम सिमरेयाँ नाम सिमरेयाँ तीनो वेहड़े आये,
खट्टे मीठे बेर भीलनी दे बेठ राम ने खाये,
राम सिमरेयाँ केवट ने ओहनू भव सागार तो तारता,
मेरे राम जी मेनू सहारा ……….

राम सिमरेयाँ हनुमान ने लंका दिति जलाये,
राम सिमरेयाँ नाल नील ने दिते पत्थर तराये,
जिस दे सिर उपर मेरे साईं ओहनू कोई नही मारदा,
मेरे राम जी मेनू सहारा……….

मोह माया विच फस के बन्देया तू कुझ भी नहीं पाना,
धियाँ पुत्र मेहल चुबारे नाल किसे नही जाना,
जिस पैसे दा दान ना कोई ओह पैसा है किस कम दा,
मेरे राम जी मेनू सहारा………

राम नाम दी माला बंदियां लगदी बड़ी प्यारी,
जेह्डा एह्नु मन च वसौन्दा जून सुधर जाये सारी,
राम वसे जिस तन मन में ओहदा कोई नही कुझ विगाडदा,
मेरे राम जी मेनू सहारा

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