मेरा तो ये खाटू वाला लगता रिश्तेदार
वरना क्यों ये साथ निभाता करता हमसे प्यार
खाटू ही घर है मेरा श्याम जहाँ तेरा बसेरा

दुःख और सुख में प्यारे आपको मानों
दिल की ये बातें सारी आपको सुनाऊ
कोई भी फैसला लेने से पहले पूछूं बारम्बार
वरना क्यों ये साथ निभाता करता हमसे प्यार
खाटू ही घर है मेरा श्याम जहाँ तेरा बसेरा

आप जैसा कोई नहीं है घर में मेरे
हार के आया बाबा पास मैं तेरे
मेरे जीवन का तो प्यारे आप ही हो आधार
वरना क्यों ये साथ निभाता करता हमसे प्यार
खाटू ही घर है मेरा श्याम जहाँ तेरा बसेरा

जब भी मेरा मन करे मैं दर तेरे आऊं
क्यूंकि वो घर भी मेरा हक़ से बताऊँ
श्याम उमंग संग रहते घर में बन जाते परिवार
वरना क्यों ये साथ निभाता करता हमसे प्यार
खाटू ही घर है मेरा श्याम जहाँ तेरा बसेरा

Leave a Reply