श्याम के रहते अब जीवन में चिंता नहीं सताये,
हर मुश्कील से पहले मेरा बाबा आ जाए,
मेरा साथी खाटू वाला है…

श्याम किरपा से चल जाती है बिन माझी के नैया,
हर दम मेरे साथ खड़ा है वो चितचोर कन्हियाँ,
कश्ती कैसे डूबे जब ये खुद पतवार चलाये,
मेरा साथी खाटू वाला है…

जो रहते है श्याम भरोसे उनको श्याम समबाले,
पग पग चलते है बाबा बन कर के रखवाले,
अपने प्रेमी की मेरा बाबा हरदम लाज बचाये,
मेरा साथी खाटू वाला है…

जिनके घर में जलती माधव श्याम नाम की ज्योति,
उनके आंगन में बरसाए ये खुशियों के मोती,
श्याम शरण में रहने वाले जग को यही बताये,
मेरा साथी खाटू वाला है…

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