मेरा पावन हो गया आंगणा,
मेरी माता रानी आई आज,
छमा छम नाचू आंगणा

गंगा जल लेके आजा रे सजाना,
दोउ माँ जी के चरना ने आज,
छमा छम नाचू आंगणा…

चोखा मंडप सजा दे रे सजाना,
माता रानी ने बिठाना घर आज,
छमा छम नाचू आंगणा……

हे मेरी ख़ुशी का ठिकाना ना आज से,
मेरा भरियो रे सी अब भण्डार,
छमा छम नाचू आंगणा……

लेहरी कर दे कर दे जागरण,
माता कर दे कर दे जागरण,
हो अमृत की पड़े रे फुहार,
छमा छम नाचू आंगणा…..

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