नवराते त्योहार कर, मैया अपने घर चली ,
ये कैसी घडी आई है , मैया की विदाई है ,

मैया तेरे रूप निराले ,हमने सब देखें है,
पल में दुर्गा ,पल में काली रूप धरे ऐसे है,
माँ की महिमा ,माँ ही जाने ,
हम बालक क्या जाने,

नवराते त्योहार कर ,मैया अपने घर चली,
ये कैसी घडी आई है,मैया की विदाई है,

नों दिन का ये रैन बसेरा,
छोड़ के माँ जाएगी,
माँ तेरे बच्चों को हर पल,
याद तेरी आयेगीं.,
रोके रुके न आंशु ऐसे सबको रुला जाएँगी

नवराते त्योहार कर ,मैया अपने घर चली
ये कैसी घडी आई है मैया की विदाई है
मैया की विदाई है मैया की विदाई है मैया की विदाई है

Leave a Reply