मैनु चरना च रख ले दाती मैं कमली तेरे दीदार दी आ,
मैं चंगी आ या मंदी आ दीवानी तेरे प्यार दी आ,

मैनु मस्ती चढ़ गई है नाम दी है,
तेरे चरना विच रहना है,
किसे होर द्वारे नहीं जाना तेरी चौकठ विच रहना है,
मैं होर किसे तो की लेना तेरे तो जिंदगी वार दी आ,
मैनु चरना च रख ले दाती मैं कमली तेरे दीदार दी आ,

इक बार जो तेरा हो जावे,
सुनिया भाव सागर तर जाणदा,
राजू हरिपुरिये वंगु रंग तेरा चढ़ जांदा,
मैनु दर तो खाली न मोड़ी इहो अर्ज गुजार दी आ,
मैनु चरना च रख ले दाती मैं कमली तेरे दीदार दी आ,

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