maa tum aao singh ki sawar bankar

माँ तुम आओ सिंह की सवार बनकर
माँ तुम आओ रंगो की फुहार बनकर

माँ तुम आओ पुष्पों की बहार बनकर
माँ तुम आओ सुहागन का श्रृंगार बनकर

माँ तुम आओ खुशीयाँ अपार बनकर
माँ तुम आओ रसोई में प्रसाद बनकर

माँ तुम आओ रिश्तो में प्यार बनकर
माँ तुम आओ बच्चो का दुलार बनकर

माँ तुम आओ व्यापार में लाभ बनकर
माँ तुम आओ समाज में संस्कार बनकर

माँ तुम आओ सिर्फ तुम आओ
क्योंकि तुम्हारे आने से ये

सारे सुख खुद ही चले आयेगें
तुम्हारे दास बनकर माँ

माँ तुम आओ सिंह की सवार बनकर
माँ तुम आओ रंगो की फुहार बनकर

दुर्गा भजन

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