lal lagoto hath me soto thari jay ho pawan kumar

लाल लंगोटो हाथ में सोटो,
लाल लंगोटो हाथ मे सोटो,
थारी जय जो पवन कुमार,
मैं वारि जाऊँ बालाजी।।

तू राम नाम गुण गाएजा राम की अलख जगायेजा,
सालासर थारो देवरो है,
मेहंदीपुर थारो देवरो है,
थारे नोबत बाजे द्वार,
मैं वारि जाऊँ बालाजी।।

तू राम नाम गुण गाएजा राम की अलख जगायेजा,
चैत्र सुदी पूनम को मेलो,
चैत्र सुदी पूनम को मेलो,
थारे आये भगत हजार,
मैं वारि जाऊँ बालाजी।।

तू राम नाम गुण गाएजा राम की अलख जगायेजा,
तेल सिंदूर चढ़े तन ऊपर,
कोई मंगल और शनिवार,
मैं वारि जाऊँ बालाजी।।

लाल लंगोटो हाथ में सोटो,
थारी जय जो पवन कुमार,
मैं वारि जाऊँ बालाजी।।
थारी जय हो दीनदयाल,
मैं वारि जाऊँ बालाजी।।
स्वरलखबीर सिंह लक्खा

हनुमान भजन