लगया मेला मेला झोली भर लो माँ तो वर लवो,
फिर हाथ नहीं आउना वेला,
लगया मेला मेला……..

लाओ मा दे उची जय कारे आगे जिहने भगत प्यारे,
खाओ लंगर जी खुले मंदिर जी कोई लगे न पैसा थेला
लगया मेला मेला …..

चेहल पेहल है चारे पास हर इक चहरे दिसदे हासे,
ढोल वजदे न दर सजदे ने मौसम भी बड़ा अंब्रेला,
लगया मेला मेला …..

नचो गाओ ख़ुशी मनाओ मेले दी रौनक न वदाओ,
दुःख दूर हुन्दे दुःख चूर हुन्दे नाले मुक्त चौरासी मेला,
लगया मेला मेला …..

राजू भी हरिपुरियाँ आया दाती माँ ने आप भुलाया ,
जपो नाम जी सुबहो शाम जी हो जावे जन्म सुहेला,
लगया मेला मेला …..

दुर्गा भजन